एकता कपूर ने 'हिंदूफोबिया' पर खुलकर बात की, टीका लगाने पर 'फ्रीक' कहे जाने का किस्सा सुनाया
रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर प्रोड्यूसर एकता कपूर ने कहा कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री हिंदू लोककथाओं और आस्था के प्रति पक्षपाती है। उन्होंने याद किया कि कैसे टीका और धागा पहनने पर उन्हें 'फ्रीक' कहा जाता था।
प्रोड्यूसर एकता कपूर ने कहा है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री हिंदू आस्था और संस्कृति के प्रति पक्षपाती है। रणवीर अल्लाहबादिया के साथ एक पॉडकास्ट में उन्होंने इसे 'हिंदूफोबिया' करार दिया।
उनके नजरिए से, जैसे ही कोई कहानी भारतीय लोककथाओं या पौराणिक कथाओं पर आधारित होती है, तो विरोध शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा, 'हम एनिमेटेड फिल्मों के साथ ठीक हैं, लेकिन लोककथाओं और पौराणिक कथाओं पर चर्चा करने में हमें दिक्कत होती है।' उन्होंने आगे कहा कि फिल्म के नंबर्स अच्छे होते हैं, लेकिन लोककथाओं से उसका जुड़ाव भी उतना ही मायने रखता है। उन्हें यह भी लगता है कि अब चीजें बेहतर हो रही हैं: 'अब स्वीकार्यता काफी बढ़ गई है।'
उनकी यह टिप्पणी सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया अभिनीत उनकी प्रोड्यूस की गई फिल्म 'द व्वान' के बाद आई है। यह फिल्म बिहार के पटना जिले के बिहटा में मां वन देवी मंदिर से जुड़ी लोककथाओं के साथ फैंटेसी और अलौकिक तत्वों को जोड़ती है।
बातचीत फिर निजी हो गई। एकता ने याद किया कि कैसे टीका और धागा पहनने पर उनका मजाक उड़ाया जाता था और उन्हें 'फ्रीक' कहा जाता था। उन्होंने कहा, 'टीका लगाना और अपने धर्म को खुलकर दिखाना इतनी बड़ी समस्या है।' रणवीर ने यह भी जिक्र किया कि एक बार उन्हें 'तांत्रिक' तक कहा गया था।
एक और याद साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे मंदिर से सीधे क्लब गई थीं। वहां लोग हैरान थे और उन्होंने पूछा कि क्या वह वाकई मंदिर से आ रही हैं। उन्होंने हां कहा और उनसे पलटकर पूछा, 'इसमें इतना हैरान होने वाली क्या बात है?'







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